Chand Ka Jhingola Class 10 Hindi Question Answer, Complete Question Answers for Class 10 Hindi "Chand Ka Jhingola" (BSE Odisha). Get summary, word meanings, and important exam questions for Odia Medium students.
Chand Ka Jhingola Question Answer
सरलार्थ : एक दिन चाँद जिद कर बैठा । उसने अपनी माँ से कहा कि - माँ मुझे ऊन का एक मोटा सा झगा सिलवादो ।
ଓଡ଼ିଆ ଭାବାର୍ଥ : ଦିନେ ଚନ୍ଦ୍ର ଜିଦି କଲା । ସେ ନିଜ ମା’କୁ କହିଲା – ମା’ । ମୋତେ ପଶମର ଗୋଟାଏ ମୋଟା ଜାମା ସିଲେଇ ଦେ ।
सरलार्थ : रातभर ठण्डी हवा सन-सन करती हुई बहती है, जिससे मैं ठण्ड में कष्ट सहता रहता हूँ । ठंड से काँपता हुआ मैं जैसे तैसे आसमान में अपनी यात्रापूरी करता हूँ ।
ଓଡ଼ିଆ ଭାବାର୍ଥ : ରାତିସାରା ଥଣ୍ଡାପବନ ସାଇଁ ସାଇଁ କରି ବହୁଛି ଓ ମୁଁ ଶୀତରେ କଷ୍ଟ ସହୁଛି । ଥଣ୍ଡାରେ ଥରି ଥରି ମୁଁ କୌଣସି ପ୍ରକାରେ ଆକାଶ ମାର୍ଗରେ ମୋ ଯାତ୍ରା ପୂରା କରେ ।
सरलार्थ : ठण्ड के मौसम में आकाश मार्ग की यात्रा बहुत कष्टकारक है। अगर मेरे लिए झिंगोला न सिलवा सको तो कोई कुरता भाड़े में ही ला दो ।
ଓଡ଼ିଆ ଭାବାର୍ଥ : ଥଣ୍ଡା ପାଗରେ ଆକାଶ ମାର୍ଗରେ ଯାତ୍ରା କରିବା ଅତି କଷ୍ଟକାରକ । ଯଦି ଜାମା ସିଲେଇବା ସମ୍ଭବ ନହୁଏ ତେବେ କୌଣସି କୁର୍ତି ଭଡ଼ାରେ ଆଣି ଦିଅ ।
सरलार्थ अपने बालक की बात सुनकर माता ने कहा " अरे ! मेरा सुन्दर बेटा ! भगवान तुझे कुशलपूर्वक रखें। तुम पर किसी टोने-टोटके का कोई असर न हो ।
ଓଡ଼ିଆ ଭାବାର୍ଥ : ନିଜର ବାଳକ କଥା ଶୁଣି ମାଆ କହିଲେ ଆରେ ମୋ ସୁନା ପୁଅ ! ଈଶ୍ଵର ତୋର ମଙ୍ଗଳ କରନ୍ତୁ । ତୋ ଉପରେ କୌଣସି କୁହୁକ ନ ଲାଗୁ ।
सरलार्थ : तुम्हें ठण्ड लगती है और उसका निदान भी होना चाहिए यहाँ तक तो ठीक है । परन्तु इस बात से आशंकित हूँ कि तुम्हारा झिंगोला बन पायेगा या नहीं क्योंकि मैनें तुम्हें कभी एक माप में देखा ही नहीं है । तुम्हारा आकार तो हमेशा बदलता रहता है ।
ଓଡ଼ିଆ ଭାବାର୍ଥ : ତୋତେ ଥଣ୍ଡା ଲାଗୁଛି ଓ ଏହାର ଉପାୟ କରିବା ଉଚିତ – ଏହି କଥା ଠିକ୍ କିନ୍ତୁ ମୁଁ ଶଙ୍କିତ ଯେ ତୋର ଜାମାଟି ତିଆରି ହେଇ ପାରିବ କି ନା କାରଣ ମୁଁ ତୋତେ କେବେହେଲେ ଗୋଟିଏ ମାପରେ ଦେଖୁନି । ତୋର ଆକୃତି ସଦାବେଳେ ବଦଳୁଛି ।
सरलार्थ : कभी तो तुम एक अंगुली भर चौड़े हो जाते हो और कभी एक फुट मोटे हो जाते हो । किसी दिन बड़े हो जाते हो तो किसी दिन छोटे हो जाते हो ।
ଓଡ଼ିଆ ଭାବାର୍ଥ : କେତେବେଳେ ତୁ ଆଙ୍ଗୁଠିଏ ଚୌଡ଼ା ହେଇ ଯାଉ ଓ କେତେବେଳେ ଫୁଟେ ମୋଟା ହେଇ ଯାଉ । କୌଣସିଦିନେ ବଡ଼ ହେଇ ଯାଉଛୁ ଓ ଅନ୍ୟ ଦିନେ ଛୋଟ ହେଇ ଯାଉ ।
सरलार्थ : तू प्रतिदिन घटता या बढ़ता रहता है। किसी दिन (अमावस्या को) तो ऐसा करता है, कि तू गायब ही हो जाता है और किसी को आँखों से दिखाई नहीं देता है ।
ଓଡ଼ିଆ ଭାବାର୍ଥ : ତୋର ପ୍ରତ୍ୟହ ହ୍ରାସ ପାଇବା କିମ୍ବା ବୃଦ୍ଧିପାଇବା ଚାଲିଥାଏ । ଦିନେ ଦିନେ (ଅମାବାସ୍ୟାରେ)ତୁ ଏମିତି କରୁ ଯେ ଅଦୃଶ୍ୟ ହେଇଯାଉ । କେହି ତୋତେ ଦେଖ ପାରନ୍ତି ନାହିଁ ।
सरलार्थ : अब तू ही बता । हम किस रोज तुम्हारे झिंगोले का नाप लें ? ऐसा कैसा झिंगोला सिलवाएं जो हर रोज तुम्हारे शरीर में फिट (ठीक) आ जाय ।
ଓଡ଼ିଆ ଭାବାର୍ଥ : ଏବେ ତୁ ନିଜେ କହ ! ତୋ ଜାମା ପାଇଁ ତୋର କେଉଁ ଦିନର ମାପ ନେବୁ । ଏମିତି କେଉଁ ପ୍ରକାର ଜାମା ସିଲେଇ କରିବା ଯେଉଁଟି ତୋ ଦେହକୁ ଠିକ୍ ହେବ ।
1.
Q&A
प्रश्न और अभ्यास
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो-तीन वाक्यों में दीजिए
(क) एक दिन चाँद क्या हठ करने लगा ?
उत्तर - एक दिन चाँद हठ कर बैठा । उसने अपनी माँ से अपने लिए ऊन का एक मोटा सा झगा सिलवाने की जिद की।
(ख) बिना झिंगोले से चाँद को क्या कष्ट होता है ?
उत्तर - झिंगोले के बिना चाँद को रात में ठंड लगती है । सन सन बहती ठंडी हवा में वह काँपता रहता है और जैसे-तैसे आकाश में अपनी यात्रा पूरी करता है ।
(ग) माँ जाड़े से नहीं, पर किससे डरती है ?
उत्तर - माँ जाड़े से नहीं डरती है। वह इस बात से डरती है कि उसके बेटे का झिंगोला बन पायेगा या नहीं क्योंकि उसे कभी एक माप में देखा ही नहीं गया है। उसका आकार हमेशा बदलता है ।
(घ) माँ चाँद के लिए झिंगोला क्यों नहीं बना पाती ?
उत्तर - माँ चाँद के लिए झिंगोला नहीं बना पाती क्योंकि चाँद का आकार सदा एक सा नहीं रहता। कभी वह बड़ा तो कभी छोटा हो जाता है । कभी तो पूरा गायब हो जाता है। ऐसा झिंगोला कैसे बने जो हर रोज उसे ठीक से आ जाय ।
2. अर्थ स्पष्ट कीजिए ।
(क) हठ कर बैठा चाँद एक दिन माता से वह बोला, सिलवा दो माँ, मुझे ऊन का मोटा एक झिंगोला ।
उत्तर - एक दिन चाँद जिद कर बैठा । उसने अपनी माँ से कह "माँ मुझे ऊन का एक मोटा सा झिंगोला सिलवा दो ।
(ख) बच्चे की सुन बात कहा, माता ने, "अरे सलोने !
कुशल करे भगवान, लगें मत, तुझको जादू-टोने ।
उत्तर - चाँद की बात सुनकर माँ ने कहा - "मेरा सुन्दर बेटा ! भगवान तुझे कुशलपूर्वक रखें । तुझ पर किसी टोने-टोटके का कोई असर न हो ।
(ग) कभी एक उँगल भर चौड़ा, कभी एक फुट मोटा,
बड़ा किसी दिन हो जाता है, और किसी दिन छोटा ।
उत्तर - माँ कहती है कि कभी तो चाँद एक अँगुली भर चौड़ा हो जाता है और कभी एक फुट मोटा हो जाता है। किसी दिन बड़ा हो जाता है तो किसी दिन छोटा हो जाता है ।
(घ) अब तू ही यह बता, नाप तेरी किस रोज लिवाए,
सी दें एक झिंगोला जो, हर रोज बदन में आए ?"
उत्तर - माँ चाँद से कहती है - अब तू ही बता ! हम किस रोज तुम्हारे झिंगोले का नाप लें। ऐसा कैसा झिंगोला सिलवाएँ जो प्रतिदिन तुम्हारे शरीर में फिट आजाय ।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में दीजिए :
(क) एक दिन चाँद ने माँ से क्या कहा ?
उत्तर - एक दिन चाँद ने माँ से ऊन का एक मोटा सा झिंगोला सिलवाने को कहा ।
(ख) रात भर किस तरह की हवा चलती है।
उत्तर - रातभर ठण्डी हवा सन-सन करती हुई चलती है।
(ग) जाड़े में वह किस तरह मरता है ?
उत्तर - जांड़े में वह ठण्डे से मरता है ।
(घ) चाँद किस तरह यात्रा पूरी करता है ?
उत्तर - चाँद ठिठुर-ठिठुर कर यात्रा पूरी करता है ।
(ङ) यदि झिंगोला न मिले तो फिर चाँद क्या लेना चाहता है ?
उत्तर - यदि झिंगोला न मिले तो चाँद कोई कुरता भाड़े में लेना चाहता है |
च) चाँद कभी कभी माँ को कितना चौड़ा दिखाई देता है ?
उत्तर -चाँद कभी-कभी माँ को एक अंगुली भर चौड़ा दिखाई देता है ।
(छ) चाँद कितना मोटा दिखाई देता है ?
उत्तर - चाँद एक फुट मोटा दिखाई देता है ।
(ज) ऐसा कौन सा दिन होता है जब चाँद बिलकुल नहीं दिखाई देता ?
उत्तर -अमावस्या के दिन चाँद बिल्कुल नहीं दिखाई देता ।
(झ) चाँद का झिंगोले के लिए नाप लेना क्यों संभव नहीं है ?
उत्तर - चाँद के झिंगोले के लिए नाप लेना संभव नहीं है क्योंकि चाँद का आकार रोज एक सा नहीं रहता है ।
भाषा - ज्ञान
निम्नलिखित शब्दों के विपरीत / विलोम शब्द लिखिए ।
कुशल, जाड़ा, ठीक, मोटा, घटता
शब्द विलोम शब्द
कुशल अकुशल
जाड़ा गर्मी
ठीक गलत
मोटा पतला
घटता बढ़ता
2. निम्नलिखित शब्दों के वचन बदलिए ।
हवा, वह, माता, बच्चा, भाड़ा, बड़ा, बात, दिन, यह ।
उत्तर -
हवा - हवाएँ
वह - वे
माता - माताएँ, माताओं
बच्चा - बच्चे, बच्चों
भाड़ा - भाड़ा
बड़ा - बड़े, बड़ों
बात - बातें, बातों
दिन - दिन, दिनों
यह - ये
Q&A
अतिरिक्त प्रश्नोत्तर
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में दीजिए :
(क) माँ चाँद के भले के लिए क्या कामना करती है ?
उत्तर- माँ यह कामना करती है कि भगवान चाँद को सकुशल रखे और उसे कोई जादू-टोना ना लगे ।
(ख) माँ किस बात से डरती है ?
उत्तर - माँ इस बात से डरती है कि चाँद कभी भी एक माप में नहीं दिखाई देता है ।
(ग) किसी दिन चाँद ऐसा विचित्र सा क्या करता ?
उत्तर - किसी दिन चाँद किसी को भी आँखों से दिखाई ही नहीं पड़ता |
(घ) माँ चाँद के लिए किस प्रकार का झिंगोला सिलवाने में असमर्थ है ?
उत्तर - माँ चाँद के लिए ऐसा झिंगोला सिलाने में असमर्थ है जो उसके घटते बढ़ते शरीर में रोज ठीक फिट बैठ जाय ।
भाषा - ज्ञान
1.
निम्नलिखित शब्दों को वाक्यों में प्रयोग कीजिए
आसमान, सफर, मौसम, जादू-टोना, बदन
उत्तर
(क) आसमान - आसमान में तारे चमकने लगे हैं ।
(ख) सफर - रेल का सफर आरामदायक होता है ।
(ग) मौसम - गर्मी में पहाड़ों पर मौसम सुहाना रहता है ।
(घ) जादू-टोना - जंगली जातियाँ आज भी जादू-टोनों से रोग ठीक करती हैं।
(ङ) बदन - यह कमीज तुम्हारे बदन पर सुन्दर लगेगी ।
2. निम्न शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए :
चाँद, माता, बदन, मोटा, हवा, रात, यात्रा, आसमान
उत्तर
शब्द पर्यायवाची शब्द
चाँद चन्द्रमा, शशि, रजनीकान्त
माता माँ, जननी, अम्मा
बदन शरीर, देह, काया
मोटा स्थूल, मांसल
हवा वायु, पवन, समीर
रात रजनी, निशा, यामिनी
यात्रा सफर, परिभ्रमण, पर्यटन
आसमान आकाश, गगन, व्योम
3.कोष्ठक में से सही शब्दों को चुनकर शून्यस्थानों की पूर्ति कीजिए ।
(पग-पग, सन-सन, जाग-जाग, ठिठुर-ठिठुर, लिख-लिख, पल-पल, रो-रो )
(क) ठंडी हवा रात भर ..............चलती रही । उ: सन सन
(ख) भिखारी ठंड में ...............कर मर गया । उ: ठिठुर-ठिठुर
(ग) भक्त को.................कृष्ण की याद सताती है | उ: पल-पल
(घ) मैने तुम्हें यह कंविता............ कर समझाई थी । उ: लिख-लिख
(ङ) उसने रातों को ......................कर पढ़ाई की । उ: जाग जाग
(च) उस रास्ते में ...................... पर काटें हैं। उ: पग-पग
(छ) भूखे ने....................कर खाना माँगा । उ: रो-रो
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